बगलामुखी विद्वेषण मंत्र: एक गूढ़ और रहस्यमय अनुष्ठान

बगलामुखी विद्वेषण मंत्र एक अत्यंत गूढ़ और रहस्यमय मंत्र है जो तंत्र साधना के अंतर्गत आता है। इस मंत्र का मुख्य उद्देश्य विद्वेषण या शत्रुओं को नियंत्रित करना और उनके बुरे प्रभाव से मुक्ति दिलाना होता है। बगलामुखी माता, जिन्हें पीतांबरा देवी के नाम से भी जाना जाता है, को विशेष रूप से तांत्रिक और साधक अत्यंत श्रद्धा से पूजते हैं। वे समस्त दुष्ट शक्तियों का नाश करने और भक्तों की रक्षा के लिए प्रसिद्ध हैं।

बगलामुखी विद्वेषण मंत्र:

“ॐ ह्लीं बगलामुखि सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय जिव्हां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्लीं ॐ स्वाहा।”

इस मंत्र का हर शब्द एक विशेष ऊर्जा और शक्ति से युक्त होता है। ‘ह्लीं’ बीज मंत्र है, जो शक्ति और ऊर्जा का प्रतीक है। ‘बगलामुखि’ देवी का नाम है, जो शत्रुओं का नाश करने और बुराइयों से रक्षा करने वाली देवी हैं। इस मंत्र का नियमित उच्चारण व्यक्ति को असीम ऊर्जा और आत्मविश्वास प्रदान करता है।

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About Guruji

माँ बगलामुखी उपासक
पंडित राम शर्मा गुरुजी

पंडित राम शर्मा गुरुजी नलखेड़ा, मध्य प्रदेश, भारत से हैं। उन्होंने तंत्र और ज्योतिष के क्षेत्र में न केवल मध्य प्रदेश में बल्कि पूरे विश्व में नाम कमाया है। भैरव गुरु को तंत्र और बगलामुखी साधना में 28 वर्षों से अधिक का अनुभव है। पंडित राम शर्मा गुरुजी एक पारंपरिक ब्राह्मण परिवार से हैं और उन्हें बचपन से ही ज्योतिष और बगलामुखी पूजा में गहरी रुचि थी। उन्होंने वैदिक ज्योतिष में भी काफी अनुभव जुटाया है। इन वर्षों के दौरान पंडितजी ने कई यजमानों का काम किया और उन्हें अपने लक्ष्यों में सफल होने के लिए मार्गदर्शन किया।

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